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सात युगलों ने स्वच्छता और हरियाली की शपथ के साथ लिए सात फेरे
अग्रवाल-वैश्य घटकों का सामूहिक विवाह
इन्दौर. गोधूलि बेला में शहनाई एवं ढोल-नगाड़ों की सुर लहरियों के बीच राजीव गांधी चौराहा स्थित शुभकारज गार्डन आज शाम एक दिव्यांग युगल सहित 7 जोड़ों के परिणय बंधन का साक्षी बन गया.सभी परंपरागत रस्मों के निर्वहन के बाद समाज के विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में नवयुगलो ने अपने घर-परिवार, मोहल्ले एवं शहर को साफ-सुथरा रखने, वर्षाकाल में घर-आंगन में पौधे रोपने तथा दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने की शपथ के साथ बिदाई ली.
श्री इंदौर महानगर अग्रवाल समाज की मेजबानी में आज सुबह शुभकारज गार्डन पर गणेश पूजन के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। दूर-दूर से आए वर-वधू पक्ष के मेहमानों ने पूरे उल्लास के साथ परंपरागत रस्मों का पालन किया. समिति के प्रमुख राजेश कुंजीलाल गोयल, रमेश पीठेवाले, डॉ. रामगोपाल बंसल ने बताया कि दोपहर में सामेला हुआ तो होली और फूलों के रंगों से कार्यक्रम स्थल महक उठा।

बैंड-बाजों एवं प्रत्येक दूल्हे को छत्र तथा चंवर और एक रथ पर सवार महाराजा अग्रसेन के चित्र सहित शोभायात्रा में नाचते-गाते मेहमानों और सामूहिक विवाह की सफलता से अभिभूत पदाधिकारियों का काफिला शिव मंदिर में दर्शन पूजन के बाद कार्यक्रम स्थल पहुंचा जहां 7 तोरण द्वार, 7 लग्नवेदी, 7 विद्वान, 7 मंडप की व्यवस्था की गई थी। लग्न के पश्चात नवयुगलों ने वरिष्ठ समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, सुभाष गोयल बजरंग, राजेश बंसल, बालकृष्ण अग्रवाल मूसाखेड़ी, विष्णु गोयल, चौथमल ऐरन, संतोष गर्ग, ओमकांता अग्रवाल, दामोदर मोदी, ओमप्रकाश कोयले वाले, वर्षा बंसल एवं शशि ऐरन की मौजूदगी में अनेक उपहारों के साथ विदाई ली.
प्रत्येक युगल को लगभग 30 उपहार दिए गए। महाराष्ट्र के अकोला, भुसावल तथा टिमरनी, उज्जैन, देवास, खरगोन एवं इंदौर के इन सात युगलों के सामूहिक विवाह का यह आयोजन अग्रवाल एवं वैश्य घटकों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सानंद संपन्न हुआ।


